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प्रेम-निर्भरता और रोमांटिक संबंध निर्भरता का अंतर: अनुमोदन की आवश्यकता और संबंधों में निर्भरता की समझ

प्रेम-निर्भरता (Love Addiction)

परिभाषा: प्रेम-निर्भरता वह स्थिति है जहां व्यक्ति दूसरों से प्रेम या अनुमोदन पर अत्यधिक निर्भर हो जाता है। यह प्रेमी, परिवार, मित्र आदि के साथ किसी भी संबंध में हो सकता है।

लक्षण

  • प्रेमी के प्रति: अपने साथी से "मुझे प्यार है" जैसे शब्दों और ध्यान की आवश्यकता होती है, और यह न मिलने पर बेचैनी होती है।
  • उदाहरण: यदि प्रेमी का संदेश तुरंत नहीं आता, तो व्यक्ति सोचता है कि उसने कुछ गलत किया है और आत्मग्लानि में डूब जाता है।

  • परिवार के प्रति: माता-पिता या भाई-बहनों से अनुमोदन और प्रेम की अत्यधिक आवश्यकता होती है। परिवार की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए अत्यधिक प्रयास करता है।
  • उदाहरण: परिवार की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए, व्यक्ति अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है।

  • समाज के प्रति: सोशल मीडिया पर "लाइक्स" और फॉलोअर्स की संख्या पर निर्भरता होती है, और अपनी वास्तविकता से भिन्न छवि प्रस्तुत करता है।
  • उदाहरण: सोशल मीडिया पर दूसरों से अनुमोदन पाने के लिए, व्यक्ति अपनी दैनिक जिंदगी को अतिरंजित तरीके से प्रस्तुत करता है।

रोमांटिक संबंध निर्भरता (Romantic Relationship Addiction)

परिभाषा: रोमांटिक संबंध निर्भरता वह स्थिति है जहां व्यक्ति विशेषकर रोमांटिक संबंधों में अत्यधिक निर्भर हो जाता है। इस निर्भरता का विशेषता यह है कि एक संबंध समाप्त होते ही व्यक्ति तुरंत नए संबंध की तलाश में लग जाता है।

लक्षण

  • प्रेमी के प्रति: साथी पर अत्यधिक निर्भरता और आदर्शवादिता। संबंध समाप्त होते ही नए प्रेम की तलाश में लग जाता है।
  • उदाहरण: जब प्रेम संबंध समाप्त होता है, तो व्यक्ति तुरंत नए प्रेमी की तलाश शुरू कर देता है, और पुराने प्रेमी के प्रति अभी भी भावनाएं बनी रहती हैं।

  • परिवार के प्रति: अपने प्रेम संबंध की समस्याओं को परिवार की सहायता के बिना हल करने की कोशिश करता है, जिससे परिवार से दूर हो जाता है।
  • उदाहरण: परिवार की सलाह को अनदेखा करता है, अपने प्रेम संबंध की समस्याओं को खुद सुलझाने की कोशिश करता है, लेकिन स्थिति और बिगड़ जाती है।

  • समाज के प्रति: अपने रोमांटिक संबंध को अपनी संपूर्ण पहचान मानता है, और जब संबंध टूट जाता है, तो अपनी आत्ममूल्य को खो देता है।
  • उदाहरण: जब रोमांटिक संबंध ठीक चलता है, तो व्यक्ति आत्मविश्वास से भरा होता है, लेकिन संबंध टूटने पर उसकी आत्ममूल्य में भारी कमी आती है।

सारांश

प्रेम-निर्भरता और रोमांटिक संबंध निर्भरता दोनों में विभिन्न प्रकार की निर्भरता होती है। प्रेम-निर्भरता में व्यक्ति किसी भी संबंध में दूसरों के प्रेम और अनुमोदन पर अत्यधिक निर्भर हो जाता है, जबकि रोमांटिक संबंध निर्भरता में व्यक्ति विशेषकर रोमांटिक संबंधों में अत्यधिक निर्भर हो जाता है। इन निर्भरताओं का मूल कारण आत्ममूल्य की कमी और अनुमोदन की आवश्यकता होती है, जो समाजिक व्यवहार पर भी प्रभाव डालती है।

संदर्भ
  • Maglia, M. G., Lanzafame, I., & Quattropani, M. C. (2023). Love addiction: Current diagnostic and therapeutic paradigms in clinical psychology. Health Psychology Research.
  • Costa, S., Barberis, N., Griffiths, M. D., & Benedetto, L. (2021). The love addiction inventory: Preliminary findings of the development process and psychometric characteristics. Journal of Mental Health and Addiction.
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